आज देश का सियासी माहौल और गर्मा सकता है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 2 सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर में आज नतीजों का दिन था। बता दें कि नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों ही सीटों पर बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की है। नंदीग्राम सीट पर हासीरानी रथ ने अपने करीबी प्रत्याशी और कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 1.20 लाख से भी भारी मतों के अंतर से हराया है। वहीं, रेजीनगर में बीजेपी 75 हजार से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीती है। इस चुनावी संग्राम में बीजेपी, कांग्रेस, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC), बागी TMC गुट, वामदल (CPI-M) और हुमायूं कबीर की AJUP समेत कई प्रमुख दल आमने-सामने थे।
इन सीटों पर 6 अक्टूबर को कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग हुई थी, जिसमें केंद्रीय बलों की 71 कंपनियां तैनात की गई थीं। इस बार पश्चिम बंगाल की इन 2 सीटों का चुनाव दिलचस्प रहा है और इन सीटों पर बंपर वोटिंग भी हुई है। रेजीनगर में 78.42 प्रतिशत वोटिंग हुई है जबकि नंदीग्राम में 79.39 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई है।
BJP के लिए क्यों अहम है नंदीग्राम सीट?
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर सबकी नजर है। नंदीग्राम सीट बीजेपी के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जीत दर्ज की थी। सीएम शुभेंदु ने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया था। भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों जगहों से जीतने के बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव हुआ। यहां से बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया। वहीं, कांग्रेस ने मिलन प्रधान को मैदान में उतारा।
इसके अलावा रेजीनगर सीट से हुमायूं कबीर की पार्टी की ओर से उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को प्रत्याशी बनाया गया। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद खाली हुई थी।